सूर्य के बारे में जानकारी (दुरी, सूर्य का जीवन चक्र और तथ्य आदि) | Geography Gk

सूर्य सौरमंडल के केन्द्र में स्थित एक तारा है जिसके चारों तरफ पृथ्वी और सौरमंडल के अन्य तत्व घूमते हैं। सूर्य हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा पिंड है और उसका व्यास लगभग 13 लाख 90 हज़ार किलोमीटर है जो पृथ्वी से लगभग 109 गुना अधिक है। इसका आयतन 13 लाख गुना तथा भार 303 लाख गुना अधिक है इसका वजन 2 x 10^27 टन है

    • सूर्य का घनत्व पृथ्वी का एक चौथाई है
    • ऊर्जा का यह शक्तिशाली भंडार मुख्य रूप से हाइड्रोजन (71%) और हीलियम (26.5%) गैसों का एक विशाल गोला है।
    • हैंस बेथ (Hans Bethe) ने बताया नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion) की प्रक्रिया द्वारा सूर्य अपने केंद्र में ऊर्जा पैदा करता है।
    • सूर्य से निकली ऊर्जा का छोटा सा भाग ही पृथ्वी पर पहुँचता है जिसमें से 25 प्रतिशत अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाता है, 30 प्रतिशत पानी को भाप बनाने में काम आता है और बहुत सी ऊर्जा पेड़-पौधे समुद्र सोख लेते हैं।

दुरी: सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग 1.5 करोड़ किलोमीटर है तथा सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश को आने में 8 मिनट 16.6 सेकंड का समय लगता है। इसी प्रकाशीय ऊर्जा से प्रकाश-संश्लेषण नामक एक महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक अभिक्रिया होती है जो पृथ्वी पर जीवन का आधार है।

सूर्य का जीवन चक्र: सूर्य की उम्र 5 अरब वर्ष है। सूर्य आज सबसे अधिक स्थिर अवस्था में अपने जीवन के करीबन आधे रास्ते पर है। इसमें कई अरब वर्षों से नाटकीय रूप से कोई बदलाव नहीं हुआ है और आगामी कई वर्षों तक यूँ ही अपरिवर्तित बना रहेगा। भविष्य में सूर्य लगभग 5 अरब वर्षों तक उर्जा देता रहेगा उसके बाद इसमें विस्फोट से यह एक निहारिका बन जाएगा

सूर्य की विभिन्न सतहें और तापमान:

सूर्य की सतह पर 6000 से. तापमान पाया जाता है जबकि इसके केंद्र क्रोड़ (Core) का तापमान 1.5 करोड़ डिग्री से. है.

    • प्रकाश मंडल (Photoshere) : सूर्य के निचले धरातल को प्रकाश मडल कहते है सूर्य का यह भाग हमे आँखों से दिखाई देता है उस पर स्थित गहरे धब्बों को सूर्यकलंक (Sunspot) कहते है जब सूर्य की सतह पर धब्बा दिखलाई पड़ता है उस समय पृथ्वी पर चुम्बकीय झंझावत (Magnetic Storms) उत्त्पन्न होते है इससे चुम्बकीय सुई की दिशा बदल जाती है एवं बिजली संचालित मशीन में गडबडी उत्पन्न होती है
    • वर्ण मंडल (Chromosphese) : यह प्रकाश मंडल के ऊपर एक परत है जहाँ उंचाई में वृद्धि के साथ तापमान में वृद्धि होती है कभी कभी इस मंडल में तीव्र गहनता उत्पन्न होता है जिसे ‘सौर ज्वाला’ कहते है
    • कोरोना (Corona) : यह सूर्य का बाहरी भाग है जो सूर्यग्रहण के समय दिखाई देता है इससे एक्स किरणे (X-rays) निकलती है

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