Hindi Story | बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे | मुहावरों की कहानी #30

बचपन में बाबा एक कहावत कहते थे, “बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे?” हम ने कहा, “बाबा ! यह कौन बड़ी बात है ?…

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Hindi Story | जैसे को तैसा | मुहावरों की कहानी #29

लोमड़ी के कारनामों से भरपूर हमने अनेक कहानियाँ पढ़ी हैं। लोमड़ी हमेशा कुछ- न – कुछ बुरा ही करने की सोचती है। एक बार लोमड़ी…

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Hindi Story | कानून सबके के लिए बराबर है | मुहावरों की कहानी #28

शहंशाह बहुत न्यायप्रिय शासक थे। उन्होंने अपने महल के प्रवेशद्वार पर एक घंटा लगवा दिया था। जिसको भी शिकायत हो वह उस घंटे को बजा…

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Hindi Story | न तीन में न तेरह में | मुहावरों की कहानी #27

एक नगर सेठ थे। अपनी पदवी के अनुरुप वे अथाह दौलत के स्वामी थे। घर, बंगला, नौकर-चाकर थे। एक चतुर मुनीम भी थे जो सारा…

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Hindi Story | कंजूस – मखीचूस | मुहावरों की कहानी #26

कहावतों की दूनिया बडी रोचक होती है। एक वाक्य या वाक्यांश में पूरी की पूरी बात कह देना। मगर कभी सोचा है कि इन कहावतों…

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