भारतीय पुरापाषाण काल का इतिहास (The Palaeolithic Age in India) – प्राचीन भारत का इतिहास

पाषाण काल (Stone Age) :

इस युग में मानव ने पत्थर के औजार बनाना सबसे पहले आरम्भ किया।
इसका समय 5लाख ई०पू० से 10000 ई०पू० तक माना जाता है।

पुरापाषाण (Paleolithic) का उदय अत्यंतनूतन युग (Ice Age) में हुआ। इस युग में धरती बर्फ से ढकी हुयी थी।

मानव द्वारा जो पत्थर के औजार इस्तेमाल किये थे उसके स्वरुप और जलवायु में हुए परिवर्तन के आधार पर तीन भागों में बांटा गया है.

      • निम्न पुरापाषाण काल (5,00,000 ई०पू० से 50,000ई०पू० के मध्य)
      • मध्य पुरापाषाण काल (50,000ई०पू० से 40,000ई०पू० के मध्य)
      • उच्च पुरापाषाण काल (40,000ई०पू० से 10,000ई०पू० के मध्य)

⛏ अब देखते हैं पुरापाषाण काल के औजार ⛏

      • निम्न पुरापाषाण काल के मुख्य औजार हाथ की कुल्हाड़ी,तक्षणी काटने का औजार हुआ करते थे।
      • मध्य पुरापाषाण काल में काटने वाले औजार (फलक,वेधनी, खुरचनी) होते थे।
      • उच्च पुरापाषाण काल में मुख्य औजार तक्षणी और खुरचनी थे।

पुरापाषाण काल के स्थान : भारत में पुरापाषाण काल के अवशेष तमिल नाडु के कुरनूल, कर्नाटक के हुँस्न्गी, ओडिशा के कुलिआना, राजस्थान के डीडवानाके श्रृंगी तालाब के निकट और मध्य प्रदेश के भीमबेटका में मिलते हैं। इन अवशेषो की संख्या मध्यपाषाण काल के प्राप्त अवशेषो से बहुत कम है।

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